गोवा में 77-फुट भगवान राम की प्रतिमा — परंपरा, कला और आध्यात्म का ऐतिहासिक संगम - Apna Nagpur

गोवा में 77-फुट भगवान राम की प्रतिमा — परंपरा, कला और आध्यात्म का ऐतिहासिक संगम

गोवा में 77 फुट ऊंची भगवान राम

दक्षिण गोवा के शांत और पवित्र वातावरण में इतिहास रचा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Shree Samsthan Gokarn Jeevottam Mutt में 77-फुट ऊँची भगवान राम की भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा एशिया में भगवान राम की सबसे ऊँची स्थापित मूर्तियों में से एक मानी जा रही है।

यह सिर्फ एक भव्य मूर्ति नहीं—बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति, कला कौशल और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।


🌟 मूर्ति की खासियत — 77 फुट की अद्भुत शिल्पकला

  • प्रतिमा को भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने डिजाइन किया है, जिन्हें विशाल और ऐतिहासिक शिल्पकृतियों के निर्माण के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
  • 77 फुट की ऊँचाई, ब्रॉन्ज की कलात्मक चमक और भगवान राम के दिव्य स्वरूप को इतनी भव्यता से तैयार करना—अपने-आप में एक अद्वितीय उपलब्धि है।
  • यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति का नया केंद्र बनेगी और भारत की सांस्कृतिक गहराई को दुनिया के सामने और मजबूत करेगी।

🛕 मठ का 550 साल का इतिहास — भक्ति और परंपरा का उत्सव

Shree Samsthan Gokarn Jeevottam Mutt इस वर्ष अपनी 550वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर को सार्ध-पंचशतमानोत्सव का नाम दिया गया है।
मठ सदियों से:

  • अध्यात्म
  • गुरु-परंपरा
  • धार्मिक शिक्षा
  • संस्कृति संरक्षण

का प्रमुख केंद्र रहा है।
प्रतिमा का अनावरण इस ऐतिहासिक परंपरा को एक नए युग में प्रवेश कराता है।


🎉 भव्य तैयारियाँ — आध्यात्मिक आयोजन का भव्य स्वरूप

इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ की गईं:

  • मठ परिसर में विशेष सजावट
  • लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यवस्थाएँ
  • गणमान्य अतिथियों के लिए विशेष हेलिपैड
  • सुरक्षा और यातायात की व्यापक योजना

गोवा का यह क्षेत्र इस आयोजन के दौरान आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर उठा।


परंपरा, संस्कृति और पर्यटन — तीनों का संगम

77-फुट भगवान राम की प्रतिमा और 550-साल पुराना मठ मिलकर गोवा को एक नई पहचान देने वाले हैं।

💠 क्यों यह प्रतिमा गोवा के लिए महत्वपूर्ण है?

  • धार्मिक पर्यटन में वृद्धि
    हजारों श्रद्धालु और पर्यटक प्रतिदिन यहाँ पहुँचने की उम्मीद है।
  • कलात्मक विरासत को नई उड़ान
    भारत के शिल्प और मूर्तिकला की उत्कृष्टता अब वैश्विक स्तर पर और भी चमकेगी।
  • आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा
    अब गोवा सिर्फ बीच और कैफे का शहर नहीं—बल्कि एक प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर का केंद्र भी बनेगा।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
    बढ़ता पर्यटन स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और सांस्कृतिक गतिविधियों को मजबूत करेगा।

🙏 आस्था का नया प्रतीक — भक्तों के लिए विशेष महत्व

भगवान राम की यह प्रतिमा भक्तों के लिए:

  • नई श्रद्धा का केंद्र
  • शांति और शक्ति का प्रतीक
  • आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत

बनेगी।
मूर्ति की भव्यता और दिव्यता इसे भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल करने के लिए पर्याप्त है।